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BEABFA शायरी

ऐ बेबफा ये न समझ

कि तेरे सिवा मेरे सहारे नहीं हैं, 

               इन नजरों ने तुझमें जो देखे हैं

               ऐसे कहीं भी सरारे नहीं हैं.

मोहब्बत का दरिया ऐसा है यारों, 

जिसके कहीं भी किनारे नहीं हैं

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