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मई, 2020 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

आंधियां चलतीं रहीं और दिए जलते रहे......

आंधियां चलतीं रहीं और दिए जलते रहे गर्दिशों में भी मुहब्बतों के कमल खिलते रहे शमा ये प्यार की न बुझी है न बुझेगी कभी जाने कितने परवाने जल के खाक होते रहे आंधियां चलतीं रहीं और दिए जलते रहे...... वो रोकने आए हमें जिनकी औकात ही क्या थी हम ठहरते क्यों भला ऐसी कोई बात ही क्या थी हम समझ पते जब तक सीनेपर तीर बरसते गये आंधियां चलतीं रहीं और दिए जलते रहे ........ - Bhanu pratap dwivedi    https://www.yourquote.in/bhanupratap-dwivedi-bojqp/quotes/aandhiyaan-cltiin-rhiin-aur-die-jlte-rhe-grdishon-men-bhii-n-zw03s

फिर मोहब्बत कर रहा है दिल.....(broken heart)

फिर मोहब्बत कर रहा है दिल, टूट कर संभला नही है, फिर टूटने जा रहा है दिल; फिर मोह्हबत कर रहा है दिल  - फिर  मोहब्बत कर रहा है दिल , दिल बड़ा नादाँ है ,बड़ी जल्दी भूल जाता है कभी चोट खाई थी जहाँ , फिर उन्ही गलिओं में जा रहा है दिल, फिर मोहब्बत कर रहा है दिल ////'

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